20 Sept 2026, 03:56 UTC167 views4 reactionsread 25 September 2026 सुप्रभात मित्र
“उद्यमेन हि सिद्ध्यन्ति कार्याणि न मनोरथैः।
न हि सुप्तस्य सिंहस्य प्रविशन्ति मुखे मृगाः॥”
अर्थ — केवल इच्छा करने से लक्ष्य प्राप्त नहीं होते,
प्रयास करना पड़ता है।
सोए हुए सिंह के मुख में भी शिकार स्वयं चलकर नहीं आता।
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रास्ते कठिन हों तो हौसला और बढ़ाइए,
मंज़िल दूर लगे तो कदम और बढ़ाइए।
आज की मेहनत भले किसी को दिखाई न दे,
एक दिन आपका परिणाम पूरी दुनिया को दिखाई देगा।
आज का दिन एक नया अवसर है।
कल क…
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Signed RITESH(स्थितिप्रज्ञ)
17 Sept 2026, 15:51 UTC223 viewsread 25 September 2026 सम्पूर्ण लेख पढ़े
https://t.me/prerak_prasang_1/698
https://t.me/prerak_prasang_1/699
Signed RITESH(स्थितिप्रज्ञ)
17 Sept 2026, 15:50 UTC84 views4 reactionsread 25 September 2026 और ये बीजेपी हर बार आके कोई ना कोई ड्रामा कर देती है। अब दिया जलाओ, पूरे भारत को दिया जलाने का संदेश दे दिया। सरकारी विभाग में ₹2000 ले रहे हैं दिए जलाने के लिए।
अरे, यह पैसा कहीं लगा दो। सरकारी स्कूलों में उनकी हालत ठीक हो जाएगी।
मैं एक मोटा-मोटा आंकड़ा दे रहा हूं। उस मोटे-मोटे आंकड़े से अनुमान लगाकर देख लेते हैं कि भाई, एनडीए की सरकार को लगभग 38% वोट मिले और नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के अनुसार लगभग 30 करोड़ परिवार…
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Signed RITESH(स्थितिप्रज्ञ)
17 Sept 2026, 15:50 UTC73 views3 reactionsread 25 September 2026 तीन हफ्ते की एंट्री बेल मिल गई है स्वतंत्र भारद्वाज को। मोदी जी भी इनके बड़े भाई हैं। भाई का बर्थडे है आज।
“सब चंगासी प्रधानमंत्री जी के जन्मदिन के दिन 17 सितंबर को शाम 6:00 से 7:00 बजे आशीर्वाद का दिया जलाएं।”😂
क्या जलाओ? दिया जलाओ। तुम जनता से कह रहे हो दिया जलाओ, और जनता तुमसे कह रही है — शुरू हो गई मामू। तो मामू, सुबह होने के बाद दिया जलाया नहीं, बुझाया जाता है।
मोदी जी, मेरा आपसे पहला सवाल यह है कि कब तक भार…
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Signed RITESH(स्थितिप्रज्ञ)
16 Sept 2026, 01:09 UTC73 views4 reactionsread 25 September 2026 Forwarded from @TRISANKALP_IASVideo
मैं हैरान हूं यह सोचकर ,
किसी औरत ने क्यों नहीं उठाई उंगली ?
तुलसी दास पर ,जिसने कहा ,
“ढोल ,गंवार ,शूद्र, पशु, नारी,
ये सब ताड़न के अधिकारी।
मैं हैरान हूं ,
किसी औरत ने
क्यों नहीं जलाई “मनुस्मृति”
जिसने पहनाई उन्हें
गुलामी की बेड़ियां ?
मैं हैरान हूं ,
किसी औरत ने क्यों नहीं धिक्कारा ?
उस “राम” को
जिसने गर्भवती पत्नी सीता को ,
परीक्षा के बाद भी
निकाल दिया घर से बाहर
धक्के मार कर।
किसी औरत ने लानत नह…
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Signed RITESH(स्थितिप्रज्ञ)
15 Sept 2026, 05:07 UTC112 viewsread 25 September 2026 ज़िन्दगी से डरते हो
ज़िन्दगी तो तुम भी हो ज़िंदगी तो हम भी हैं
ज़िन्दगी से डरते हो
आदमी से डरते हो
आदमी तो तुम भी हो आदमी तो हम भी हैं
आदमी ज़बाँ भी है आदमी बयाँ भी है
उस से तुम नहीं डरते
हर्फ़ और मअनी के रिश्ता-हा-ए-आहन से आदमी है वाबस्ता
आदमी के दामन से ज़िन्दगी है वाबस्ता
उस से तुम नहीं डरते
“अन-कही” से डरते हो
जो अभी नहीं आई उस घड़ी से डरते हो
उस घड़ी की आमद की आगही से डरते हो
पहले भी तो गुज़रे हैं
दौर ना-रसाई क…
Signed RITESH(स्थितिप्रज्ञ)
14 Sept 2026, 09:31 UTC97 viewsread 25 September 2026 Forwarded from @TRISANKALP_IAS
भारत मां का सम्मान है
अभिमान है
हर भारतवासी की कामना
हमारे साहित्य का गौरव गान है
हिंदी हमारी मातृभाषा,
हमारी संस्कृति की पहचान है।
Signed RITESH(स्थितिप्रज्ञ)
12 Sept 2026, 08:39 UTC284 views3 reactionsread 25 September 2026 पिछले कुछ वर्षों से मैं एक अद्भुत भ्रम में पड़ा हुआ हूँ !
दिन-रात-सोते-बैठते, खाते-पीते- मुझे लगता है कि एक विशाल जुलूस के साथ चल रहा हूँ। अविराम !
यह जुलूस कहाँ जा रहा है, ये लोग कौन हैं, कहाँ जा रहे हैं, क्या चाहते हैं- मैं कुछ नहीं जानता।
इस महा कोलाहल में अपने मुँह से निकला हुआ नारा - मुझे नहीं सुनाई पड़ता ।
चारों ओर एक बवण्डर मंडरा रहा है, धूल का .....
इस भीड़ से निकलकर, राजपथ के किनारे सुसज्जित 'बॉलकॅनी' …
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Signed RITESH(स्थितिप्रज्ञ)
9 Sept 2026, 11:35 UTC167 views2 reactionsread 25 September 2026 Forwarded from @TRISANKALP_IASPhoto
टेलीग्राम लाल और लालियों का इससे बड़ा मोटिवेशन क्या हो सकता है भला।
टेलीग्राम से हुई बातचीत एक दिन प्यार में बदली और ब्याह रचा लिया 🥰
ऐसा नहीं है टेलीग्राम सिर्फ़ फेक लोगों और पायरेटेड वीडियो से भरा पड़ा है। आजकल टेलीग्राम की इस आभासी दुनिया में जोड़ियाँ भी बनती हैं बस निभाने वाले ईमानदार होने चाहिए 😃🥰😎💐✌️👍
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Signed राम सिंह Anti-Hindu🚩
8 Sept 2026, 08:49 UTC189 viewsread 25 September 2026 पारंपरिक ज्ञान शब्द के आधुनिक प्रयोग का श्रेय अर्थशास्त्री जॉन केनेथ गैलब्रेथ को जाता है, जिन्होंने 1958 में अपनी पुस्तक "द एफ्लुएंट सोसाइटी" में इस विषय पर चर्चा की थी। गैलब्रेथ ने पारंपरिक ज्ञान को एक ऐसे कारक के रूप में वर्णित किया जो परिवर्तन के प्रति संस्थागत और सामाजिक प्रतिरोध को बढ़ाता है ।
Signed RITESH(स्थितिप्रज्ञ)
7 Sept 2026, 17:46 UTC203 viewsread 25 September 2026 विकास का सबसे बड़ा प्रमाण ऊँची इमारतें नहीं, बल्कि सुरक्षित नागरिक होते हैं। यदि हम इस मूल सत्य को भूल जाते हैं, तो आँकड़ों की चमक भी मलबे के नीचे दबे उन सपनों को वापस नहीं ला सकती जो दिल्ली की उस इमारत के साथ ढह गए।
Signed RITESH(स्थितिप्रज्ञ)
7 Sept 2026, 17:46 UTC201 views2 reactionsread 25 September 2026 दिल्ली में छात्रों से भरी एक इमारत का अचानक ढह जाना केवल एक दुर्घटना नहीं है; यह हमारे शहरी प्रशासन, निर्माण व्यवस्था और शासन प्रणाली पर एक गंभीर प्रश्नचिह्न है। जब किसी भवन के मलबे के नीचे युवा जीवन दब जाते हैं, तब यह केवल ईंट और सीमेंट के ढहने की घटना नहीं रहती, बल्कि व्यवस्था की विफलता का प्रतीक बन जाती है।
देश की राजधानी में हुई इस घटना ने एक बार फिर उस प्रश्न को सामने ला खड़ा किया है, जिससे सरकारें अक्सर बचना च…
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Signed RITESH(स्थितिप्रज्ञ)
Showing the 12 most recent of 20 posts we hold for @prerak_prasang_1. View and reaction counts are the latest single reading for each post, not a live figure, and a recent post is still accumulating both. A view count marked ≈ was rounded by Telegram before we ever saw it — t.me prints views in full below 1,000 and to three significant figures above, so ≈1,200,000 means somewhere between 1,150,000 and 1,249,999. Unmarked counts are exact. Text is reproduced from the public post preview and truncated for length.