30 Jul 2022, 00:32 UTC≈3,660 views19 reactionsread 7 August 2026 ૐ
संस्कृतानन्दः
ईसवी सन् १८५७ वर्षं सर्वे स्मरन्ति।
= ईसवी सन् १८५७ वर्ष को सभी याद करते हैं।
तस्मिन् वर्षे आँग्लानां विरुद्धं महान् विद्रोहः आरब्धः।
= उस वर्ष अंग्रेजों के विरुद्ध बहुत बड़ा विद्रोह शुरू हुआ।
कोलकातानगरस्य समीपे बैरकपुर सैन्यछावनी अस्ति।
= कोलकातानगरस्य के समीप बैरकपुर सैन्यछावनी है।
तत्र सैन्याभ्यासः चलति स्म।
= वहाँ सैन्याभ्यास चल रहा था।
सर्वेभ्यः सैनिकेभ्यः या भुशुण्डी प्रदत्ता सा भुशुण्डी य…
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29 Jul 2022, 02:13 UTC≈3,300 views4 reactionsread 7 August 2026 ॐ
संस्कृतानन्दः
गाँधीधामनगरे समर्थभारतकेन्द्रम् अस्ति।
= गाँधीधाम शहर में समर्थ भारत केन्द्र है।
एतस्मिन् केन्द्रे गर्भसंस्कारः दीयते।
= इस केन्द्र में गर्भ संस्कार दिया जाता है।
सन्ततिइच्छुका: दम्पतयः अत्र आगत्य योग्यं मार्गदर्शनं प्राप्नुवन्ति।
= सन्तति चाहने वाले दम्पति यहाँ आकर योग्य मार्गदर्शन पाते हैं।
अद्य प्रातः नगरस्य सर्वाः गर्भवतीमहिलाः अत्र आगतवत्यः।
= आज प्रातः नगर की सभी गर्भवती महिलाएँ यहाँ आईं।
…
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18 Jul 2022, 02:41 UTC≈3,150 views6 reactionsread 7 August 2026 ॐ
*अमृतमहोत्सवः संस्कृतमहोत्सवः*
आँग्लजनाः भारतम् आगतवन्तः।
= अंग्रेज लोग भारत आए।
तस्मात् पूर्वं मुगलजनाः अपि भारतम् आगतवन्तः।
= उससे पहले मुगल लोग भी भारत आए थे।
फ्रांसजनाः , डचजनाः , हूणजनाः एते सर्वे भारतम् आगत्य अत्र शासनं कृतवन्तः।
= फ्रांस के लोग , डच लोग , हूण लोग ये सभी ने भारत आकर यहाँ शासन किया।
एतेषां सर्वेषाम् आगमनात् पूर्वं भारतदेशः बहु समृद्धः आसीत्।
= इनके आने से पहले भारत देश बहुत समृद्ध था।
भा…
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17 Jul 2022, 02:59 UTC≈3,130 viewsread 7 August 2026 ॐ
संस्कृतानन्द
यः विद्यार्जने एव जीवनं यापयति सः विद्यार्थी भवति।
= जो विद्या अर्जन में ही जीवन बिताता है वह विद्यार्थी है।
विद्यार्थी विद्यां विहाय अन्यद् किमपि न चिन्तयति।
= विद्यार्थी विद्या के सिवा और कुछ नहीं सोचता है।
आदिनं सः अध्ययनरतः भवति।
= पूरा दिन वह अध्ययनरत रहता है।
गुरुणा यत्किमपि पाठ्यते तत् ध्यानपूर्वकं श्रृणोति।
= गुरु जो भी पढ़ाते हैं उसे वह ध्यानपूर्वक सुनता है।
गुरुः यत् पाठयति तस्य पुनराभ्…
15 Jul 2022, 03:10 UTC≈2,330 views2 reactionsread 7 August 2026 ॐ
संस्कृतामृतम्
गतदिने गुरुपूर्णिमापर्व आसीत्।
= कल गुरुपूर्णिमा पर्व था।
अनेकेषु स्थानेषु गुरुपूजनस्य कार्यक्रमाः अभवन्।
= अनेक स्थानों पर गुरु पूजन के कार्यक्रम हुए।
एकः चित्रकलायाः गुरुः अस्ति।
= एक चित्रकला के गुरु हैं।
तस्य नाम श्री बाबू डोंगा अस्ति।
= उनका नाम श्री बाबू डोंगा है।
सः अन्तरराष्ट्रीयस्पर्धासु भागं ग्रहीतुं प्रायः गच्छति।
= वे अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में भाग लेने जाया करते हैं।
स्वगृहे सः बा…
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14 Jul 2022, 02:15 UTC≈2,080 viewsread 7 August 2026 ॐ
प्रतिदिनं संस्कृतम्
तारा भगिनी अद्य किमपि खादितुं न इच्छति।
= तारा बहन आज कुछ खाना नहीं चाहती है।
सा अद्य बहु रोदिति।
= वह आज बहुत रो रही है।
तस्याः पुत्रः विश्वविद्यालये पठति।
= उसका बेटा विश्वविद्यालय में पढ़ता है।
(तस्याः पुत्रः कस्मिन् विश्वविद्यालये पठति ? तद् अहं न जानामि।
= उसका बेटा किस विश्वविद्यालय में पढ़ता है ? यह मैं नहीं जानता)
सः तत्र छात्रालये निवसति।
= वहाँ वह छात्रालय में रहता है।
तस्याः पुत्…
12 Jul 2022, 02:58 UTC≈1,710 views1 reactionsread 7 August 2026 ॐ
प्रतिदिनं संस्कृतम्
* एतावदेव केवलम् ???
= केवल इतना ही ??
** इतोsपि दास्यामि।
= और दूँगा / दूँगी।
* अधुनैव देहि।
= अभी ही दो ।
* मह्यं धान्यकस्य उपसेचनं बहु रोचते।
= मुझे धनिया की चटनी बहुत पसंद है।
** सर्वेभ्यः देयम् अस्ति।
= सबको देनी है।
** भवते किमर्थम् एतावद् रोचते ?
= आपको इतनी अधिक क्यों पसंद है ?
* मम माता पाषाणशिलायां पिनष्टि स्म।
= मेरी अम्माजी सिलबट्टे पर पीसती थीं।
* धान…
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11 Jul 2022, 02:24 UTC≈2,590 views2 reactionsread 7 August 2026 ॐ
प्रतिदिनं संस्कृतम्
राष्ट्रस्य उन्नत्यर्थं के के कार्यं कुर्वन्ति ?
= राष्ट्र की उन्नति के लिये कौन कौन काम करता है ?
कृषकाः कृषिक्षेत्रे कार्यं कुर्वन्ति।
= किसान खेत में काम करते हैं।
अन्नम् उत्पादयन्ति।
= अन्न पैदा करते हैं।
सैनिकाः राष्ट्रस्य रक्षां कुर्वन्ति।
= सैनिक राष्ट्र की रक्षा करते हैं।
ते अस्माकं देशस्य प्रहरिणः।
= वे हमारे देश के प्रहरी हैं।
शिक्षकाः/शिक्षिकाः छात्रान् पाठयन्ति।
= शिक्षक/शिक्षि…
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4 Jul 2022, 03:59 UTC≈2,280 views3 reactionsread 7 August 2026 File
https://t.me/shankracharyabharatvarsh
🕉शंकराचार्य भारतवर्ष 🕉
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1 Jul 2022, 05:01 UTC≈1,800 views7 reactionsread 7 August 2026 Photo
राजा धर्ममृते द्विज: पवमृते विद्यामृते योगिन:,
कान्ता सत्वमृते हयो गतिमृते भूषा च शोभामृते।
योद्धा शूरमृते तपो वृतमते गीतं च पद्यान्यृते
भ्राता स्नेहमृते नरो हरिमृते लोके न भाति क्वचित्।।
धर्म रहित राजा, पवित्रता रहित ब्राह्मण, ब्रह्मविद्या रहित योगी, सतीत्व रहित स्त्री, गति रहित घोडा, सुन्दरता रहित आभूषण, वीरता रहित योद्धा, व्रत रहित तप, पद्य रहित गान, स्नेह रहित भाई और भगवत्प्रेम रहित मनुष्य संसार मे कही भी शोभा न…
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29 Jun 2022, 14:19 UTC≈1,800 views8 reactionsread 7 August 2026 *युधिष्ठिर का प्रश्न : इस मनुष्य-लोकसे यमलोक कितनी दूर है? किस तरह से मनुष्य वहां के संकटों से पार उतर सकता है?(दान का मृत्यु पश्चात फल कैसा होता है? )*
*मार्कण्डेय उवाच*
मार्कण्डेयजीने कहा-धर्मात्माओंमें श्रेष्ठ युधिष्ठिर ! तुमने ऐसे विषयके लिये प्रश्न किया है, जो सबसे अधिक गोपनीय, पवित्र, धर्मसम्मत तथा ऋषियों के लिये भी आदरणीय है। सुनो, मैं इस विषयका वर्णन करता हूँ।
मनुष्यलोक और यमलोकके मार्गमें छियासी हजार योजनो…
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28 Jun 2022, 07:15 UTC≈1,450 views5 reactionsread 7 August 2026 ʹजो स्वयं अकेला ही अपने विशुद्ध स्वप्रकाश अखंड चैतन्यरूप से प्रकाशता है… जैसे जल से भरे हुए अनेक मटकों में एक ही सूर्य अनेक रूप से भासता है उसी प्रकार एक ही स्वयं ज्योति आत्मा अनेक बुद्धियों में अनेक रूप से भासता है, वही नित्य ज्ञानस्वरूप आत्मा मैं हूँ।ʹ
यथाઽनेकचक्षुः प्रकाशो रविर्न क्रमेण प्रकाशीकरोति प्रकाश्यम्।
अनेका धियो यस्तथैकः प्रबोधः स न नित्योपलब्धिस्वरूपोઽहमात्मा।।9।।
ʹजैसे सूर्यदेवता अनेक नेत्रों को क्रम…
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Showing the 12 most recent of 20 posts we hold for @shankracharyabharatvarsh. View and reaction counts are the latest single reading for each post, not a live figure, and a recent post is still accumulating both. A view count marked ≈ was rounded by Telegram before we ever saw it — t.me prints views in full below 1,000 and to three significant figures above, so ≈1,200,000 means somewhere between 1,150,000 and 1,249,999. Unmarked counts are exact. Text is reproduced from the public post preview and truncated for length.