20 May 2026, 16:41 UTC87 views23 reactionsread 10 August 2026 ज़ख़्म खाते हैं और मुस्कुराते हैं हम 😊
हौसला अपना खुद आज़माते हैं हम 💪
आ लगा है किनारे सीना मगर 🌊
शोर तो आदतन ही मचाते हैं हम 🔊
हम जो डूबें तो कोई न फिर बच सके
ऐसा सागर में तूफ़ाँ उठाते हैं हम 🌪️
चूर कर भी चुके दिल के शीशे को वो 💔
अपनी हिम्मत है फिर चोट खाते हैं हम 🛡️
बे-रुख़ी से जो दिल तोड़ देते हैं 'जोश'
उन के ही प्यार के गीत गाते हैं हम 🎶
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20 May 2026, 16:15 UTC88 views20 reactionsread 10 August 2026 चाँदनी-रात में अंधेरा था 🌑🌙
इस तरह बेबसी ने घेरा था
मेरे घर में बसी थी तारीकी 🏠
घर से बाहर मगर सवेरा था 🌅
वो किसी और का हुआ है आज 😔
वो जो कल तक तो सिर्फ़ मेरा था
उड़ गए आस के सभी पंछी 🕊️
जिन का दिल में मिरे बसेरा था ❤️🩹
बस वहीं 'जोश' का मज़ार है आज 🪦
कल जहाँ बेवफ़ा का डेरा था
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20 May 2026, 15:25 UTC81 views21 reactionsread 10 August 2026 धुँध छाई हुई है झीलों पर 🌫️
उड़ रहे हैं परिंदे टीलों पर 🕊️
सब का रुख़ है नशेमनों की तरफ़
बस्तियों की तरफ़ बनों की तरफ़ 🌲
अपने गल्लों को लेकर चरवाहे
सरहदी बस्तियों में जा पहुँचे 🐑
दिल-ए-नाकाम मैं कहाँ जाऊँ 😔
अजनबी शाम मैं कहाँ जाऊँ 🌇
स्रोत :
पुस्तक : Muntakhab Shahkar Nazmon Ka Album 📖 (पृष्ठ 422)
रचनाकार : Munavvar Jameel ✍️
प्रकाशन : Haji Haneef Printer Lahore 🏢 (2000)
संस्करण : 2000 📅
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30 Mar 2026, 04:18 UTC86 views24 reactionsread 10 August 2026 हम मुस्करा कर छुपा लेते हैं ग़म अपना 😇
लोग हमें देख कर हम जैसा बनने की ख़्वाहिश करते हैं 🙃💔
#shayri
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𝙐𝙉𝙆𝙉𝙊𝙒𝙉 𝙎𝘼𝙔𝘼𝙍 pinned a file
28 Mar 2026, 09:42 UTC82 views22 reactionsread 10 August 2026 File
Hindi B.Sc. Nursing Information Bulletin.pdf
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4 Mar 2026, 03:34 UTC90 views22 reactionsread 10 August 2026 Photo
🌸✨🪔 ༺❀ होली की हार्दिक शुभकामनाएँ ❀༻ 🪔✨🌸
🎨🌈 प्रेम, उल्लास और भाईचारे के प्रतीक
हमारे सांस्कृतिक पर्व होली के पावन अवसर पर
आपको एवं आपके समस्त परिवार को
🌟🌸 बहुत-बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएँ 🌸🌟🙏🏻
🎉🥳 Happy & Colorful Holi 🥳🎉
🌈🧡💚💙💜💛
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25 Jan 2026, 03:33 UTC82 views24 reactionsread 10 August 2026 ꯭🔱 ꯭꯭꯭꯭꯭꯭┣𝐈꯭𝆭𝐚꯭𝐫 ꯭┣𝐈꯭𝆭𝐚꯭𝐫 ꯭𝐌꯭𝝰𝐡꯭֟፝፝͡𝝰𝐝꯭𝝴꯭𝐯꯭ 🕉꯭📿🍃🤍
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23 Jan 2026, 08:23 UTC191 views21 reactionsread 10 August 2026 ❣️🎻हे मां सरस्वती आपके चरणों में हमारी
वाणी , बुद्धि और कला समर्पित है
कृपा करके हमें ऐसा ज्ञान दें जो हमारे
जीवन को सही दिशा में ले जाए ।।
💞इस बसंत पंचमी में आपका आशीर्वाद हमें
रचनात्मकता, समृद्धि और नई ऊर्जा से भर
दे और हमारा हर प्रयास सफल हो जाए।🙏
💖💚आप सभी को बसंत पंचमी की
हार्दिक शुभकामनाएं..! 🙏🏻♥️
🙏 जय मां ♥️᪵᪳❥ सरस्वती 🙏
🌺🦚🌺🥰🥰🥰🥰🙏
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𝙐𝙉𝙆𝙉𝙊𝙒𝙉 𝙎𝘼𝙔𝘼𝙍 pinned «मांग भरी थी कभी नाम हमारे , आज वो किसी और का बिस्तर सावरे, ऐसे कैसे? कहते थे जो न होंगे जुदा, आज छोड़ गया मुझे दूजे किनारे , ऐसे कैसे? डूबता बचाते मैं तैरते रहा हु , वो गए आगे अपनी पतवार संभाले, ऐसे कैसे? बात तो कुछ लम्हे साथ चलने की…»
22 Jan 2026, 15:33 UTC104 views25 reactionsread 10 August 2026 मांग भरी थी कभी नाम हमारे ,
आज वो किसी और का बिस्तर सावरे, ऐसे कैसे?
कहते थे जो न होंगे जुदा,
आज छोड़ गया मुझे दूजे किनारे , ऐसे कैसे?
डूबता बचाते मैं तैरते रहा हु ,
वो गए आगे अपनी पतवार संभाले, ऐसे कैसे?
बात तो कुछ लम्हे साथ चलने की हई थी और वो छोडकर चले गए हाल भी नहीं जाना, ऐसे कैसे...?
ये अल्फ़ाज़ नहीं दर्द है मेरे
वो कहती लिखते अच्छा हो, ऐसे कैस...? 💔❤️🩹
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22 Jan 2026, 06:27 UTC55 views24 reactionsread 10 August 2026 दर्द से दूर जो रहते हैं बिखर जाते हैं 💔
.. दर्द को झेलने वाले ही निखर पाते हैं ~💗
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Showing the 12 most recent of 20 posts we hold for @unknownsayar. View and reaction counts are the latest single reading for each post, not a live figure, and a recent post is still accumulating both. A view count marked ≈ was rounded by Telegram before we ever saw it — t.me prints views in full below 1,000 and to three significant figures above, so ≈1,200,000 means somewhere between 1,150,000 and 1,249,999. Unmarked counts are exact. Text is reproduced from the public post preview and truncated for length.