6 Aug 2026, 06:42 UTC313 views2 reactionsread 30 August 2026 भाई बोला "फोन क्यों किया? " विनोद बोला "भैया आप वो मैन मार्केट वाली दुकान ले लो। मेरे लिए मंडी वाली छोड़ दो। और वो बड़े वाला प्लॉट भी आप ले लो। मै छोटे वाला ले लूंगा। मै कल ही मुकदमा वापस ले रहा हूँ। " सामने से काफी देर तक आवाज नही आई।
फिर उसके बड़े भाई ने कहा "इससे तो तुम्हे बहुत नुकसान हो जाएगा छोटे? "विनोद बोला " भैया आज मुझे समझ मे आ गया है सम्बन्धों में हानि लाभ नही देखा जाता। एक दूसरे की खुशी देखी जाती है। उधर…
❤2
Signed Vivek
6 Aug 2026, 06:41 UTC281 views3 reactionsread 30 August 2026 विनोद हाईवे पर गाड़ी चला रहा था।
सड़क के किनारे उसे एक 12-13 साल की लड़की तरबूज बेचती दिखाई दी। विनोद ने गाड़ी रोक कर पूछा "तरबूज की क्या रेट है बेटा? " लड़की बोली " 50 रुपये का एक तरबूज है साहब।"
पीछे की सीट पर बैठी विनोद की पत्नी बोली " इतना महंगा तरबूज नही लेना जी। चलो यहाँ से। "विनोद बोला "महंगा कहाँ है इसके पास जितने तरबूज है कोई भी पांच किलो के कम का नही होगा। 50 रुपये का एक दे रही है तो 10 रुपये किलो पड़ेगा ह…
❤3
Signed Vivek
7 Jul 2026, 07:39 UTC568 viewsread 30 August 2026 Photo
Photo, posted without a caption
Signed Vivek
7 Jul 2026, 07:37 UTC550 views9 reactionsread 30 August 2026 उनकी आवाज़ टूट चुकी थी।
उन्होंने काँपते हाथों से आख़िरी पन्ना खोला।
उस पर सिर्फ़ एक इच्छा लिखी थी—
«"अगर मेरी मौत के बाद कभी सच सामने आए…
तो मेरी चिता पर फूल मत चढ़ाना।
उस पैसे से किसी अनजान बच्चे की स्कूल फीस भर देना।
यही समझूँगा… मेरा मोहन आज भी किसी न किसी बच्चे की मुस्कान बनकर ज़िंदा है।"»
...
पूरा गाँव फूट-फूटकर रो पड़ा।
रामू लोहार सबसे पहले अर्थी के पास गया।
उसने हरिराम के पैरों पर सिर रख दिया।
"भैया…
❤9
Signed Vivek
7 Jul 2026, 07:37 UTC419 viewsread 30 August 2026 वह आदमी मैं था।
मैं सामने इसलिए नहीं आया... क्योंकि मुझे डर था, अगर तुम जान गईं कि पैसे मैंने दिए हैं, तो तुम अपनी बची हुई ज़मीन बेचकर मुझे लौटा दोगी।
मुझे तुम्हारे पैसे नहीं... तुम्हारा बेटा ज़िंदा चाहिए था।
माफ़ करना...
—हरिराम।"»
सवित्री काकी वहीं बैठ गईं।
उनके हाथ काँप रहे थे।
उन्होंने अर्थी की तरफ़ देखा...
और पहली बार दोनों हाथ जोड़ दिए।
"बेटा..."
बस इतना ही कह पाईं।
पूरा आँगन रोने लगा।
---
अब तीसरा लिफ़ाफ़ा खो…
Signed Vivek
7 Jul 2026, 07:37 UTC306 viewsread 30 August 2026 गाँव का सबसे कंजूस आदमी मर गया… उसके पुराने संदूक से पैसे नहीं, 417 अधूरी माफ़ीनामे वाली चिट्ठियाँ निकलीं
"मर गया हरिराम…!"
सुबह पाँच बजे जैसे ही यह खबर पूरे गाँव में फैली, किसी के चेहरे पर दुख नहीं था।
चौपाल पर बैठे बुज़ुर्ग बोले,
"अच्छा हुआ… भगवान ने देर से ही सही, इंसाफ़ कर दिया।"
किसी ने ताना मारा,
"अब उसके संदूक से लाखों रुपये निकलेंगे… सारी उम्र एक रुपया किसी को नहीं दिया।"
औरतें आपस में बातें कर रही थीं—
"इत…
Signed Vivek
16 Dec 2025, 07:01 UTC≈2,060 views0 reactionsread 30 August 2026 Photo
Photo, posted without a caption
Signed Vivek
16 Dec 2025, 07:01 UTC≈1,970 views5 reactionsread 30 August 2026 🔥 अटल सत्य: मृत्यु से कोई नहीं भाग सकता 🔥
एक बहुत ही गहरी और सोचने पर मजबूर कर देने वाली कथा है...
प्राचीन काल में एक ज्ञानी पंडित अपने एक मित्र से मिलने दूसरे गाँव जा रहा था। रास्ते में उसे 'महाकाल' नाम का एक सहयात्री मिला। पंडित ने देखा कि महाकाल जिस भी गाँव में रुकता, वहाँ कोई न कोई मृत्यु की घटना घट जाती।
💀 यमदूत का रहस्य
पंडित ने जब उससे पूछा, तो महाकाल ने अपना असली रूप बताया: "मैं यमदूत हूँ। प्राण हरना मेरा काम…
❤5
Signed Vivek
9 Nov 2025, 07:27 UTC≈2,020 views10 reactionsread 30 August 2026 एक सेठ की स्टेशन मास्टर से साँठ-गाँठ हो गयी। सेठ को आधी कीमत पर बासमती चावल मिलने लगा ।
सेठ ने सोचा कि इतना पाप हो रहा है , तो कुछ धर्म-कर्म भी करना चाहिए।
एक दिन उसने बासमती चावल की खीर बनवायी और किसी साधु बाबा को आमंत्रित कर भोजनप्रसाद लेने के लिए प्रार्थना की।
साधु बाबा ने बासमती चावल की खीर खायी।
दोपहर का समय था । सेठ ने कहाः "महाराज ! अभी आराम कीजिए । थोड़ी धूप कम हो जाय फिर पधारियेगा।
साधु बाबा ने बात स्वी…
❤10
Signed Vivek
15 Oct 2025, 22:16 UTC≈1,710 views8 reactionsread 30 August 2026 पुराने ज़माने की बात है रामदीन नाम का एक युवक किसी जमीदार के यहाँ नौकरी करता था.
कई सालों तक नौकरी करते-काते रामदीन को अपने परिवार की याद सताने लगी.एक दिन उसने जमीदारसे अपने मन की चिंता कही. जमींदार ने कहा, ‘जरूर जाओ बेटा, लेकिन जाने से पहले तुम्हारी तनख्वाह के अलावा मैं तुम्हें उपहारस्वरूप कुछ देना चाहता हूँ. उपहार के रुप में तुम्हारे पास दो विकल्प हैं.
पहला, सोने को तीन मोहरे और दूसरा विकल्प है, तीन ज्ञान की बातें…
❤7🥰1
Signed Vivek
3 Oct 2025, 04:27 UTC≈1,440 views6 reactionsread 30 August 2026 " दुनिया गोल है "
सेठ ने अभी दुकान खोली ही थी कि एक औरत आई और बोली :-
"सेठ जी यह अपने दस रुपये लो"..
सेठ उस गरीब सी औरत को प्रश्नवाचक नजरों से देखने लगा,जैसे पूछ रहा हो कि ...
मैंने कब तुम्हे दस रुपये दिये?
औरत बोली :- कल शाम को मै सामान ले कर गई थी... तब आपको सौ रुपये दिये थे, 70 रुपये का सामान खरीदा था ... आपने 30 रुपये की जगह मुझे 40 रुपये वापस दे दिये।
"सेठ ने दस रुपये को माथे से लगाया,फिर गल्ले मे डालते …
❤6
Signed Vivek
1 Oct 2025, 12:34 UTC998 views2 reactionsread 30 August 2026 मैंने सुना है, एक भिखारी एक दिन अमेरिका के एक अरबपति एण्ड्रू कार्नेगी के पास गया। सुबह ही सुबह जाकर उसने बड़ा शोरगुल मचाया।
तो एण्ड्रू कार्नेगी खुद बाहर आया और उसने कहा कि इतना शोरगुल मचाते हो! और भीख मांगनी हो तो वक्त से मांगने आओ! अभी सूरज भी नहीं निकला है, अभी मैं सो रहा था।
उस भिखारी ने कहा, रुकिए; अगर मैं आपके व्यवसाय के संबंध में कोई सलाह दूं आपको अच्छा लगेगा? एण्ड्रू कार्नेगी ने कहा कि बिलकुल अच्छा नहीं लगेगा…
❤2
Signed Vivek
Showing the 12 most recent of 20 posts we hold for @kahaniyas. View and reaction counts are the latest single reading for each post, not a live figure, and a recent post is still accumulating both. A view count marked ≈ was rounded by Telegram before we ever saw it — t.me prints views in full below 1,000 and to three significant figures above, so ≈1,200,000 means somewhere between 1,150,000 and 1,249,999. Unmarked counts are exact. Text is reproduced from the public post preview and truncated for length.