6 Jun 2026, 07:58 UTC74 views5 reactionsread 9 August 2026 रखा है ख़ुद को सूली पर बस एक अरमाँ ख़ातिर,
सोचने को सोच आए तो तेरी आए ,
ख़्वाब बहुत हैं मेरे अकसर खुली आखों में,
सुकुनी में सपने आयें तो तेरे आयें,
दरियाओं के किनारे बैठकर अक्सर चोट पानी पर है,
मैं डूबूँ , नाँव आए तो हाथ बस तेरा आए,
कठपुतलियों की तरह नाच करना कोई बड़ी बात नहीं,
मेरी डोर किसीके हाथ आए तो तेरे आए,
अक्सर पागल हो जाया करते हैं दुनिया ख़ातिर कुछ फ़क़ीर,
बात झोली की आए तो दर तेरा आए,
मेरे लहजे में नहीं फरे…
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30 May 2026, 18:07 UTC94 views4 reactionsread 9 August 2026 मेरे अल्फ़ाज़ों पर फ़िदा ना हो ए मुनाफ़िक़,
अक्सर लोग दिल,दिमाग़ और जूबाँ अलग रखते हैं..
#VeLLy
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22 May 2026, 14:19 UTC95 views1 reactionsread 9 August 2026 बंदगी जूबाँ पर रख दिल से कहीं और फ़िरक़्क़त में,
दुआ क़बूल न्ही होती ये बुड़बुड़ाते फिरेंगे,
ढंग अलग होगया उस फ़रिश्ते का सड़को पर माँगते,
देने वाले बड़े और लुटाने वाले मुस्कुराते मिलेंगे,
दर उसका,रहमत उसकी,कर्म मेरा तो शर्माना कैसा?
ध्यान दे वहाँ सब झोलियाँ फैलाए दिखेंगे,
गुनाहों पर रखकर पर्दा उसकी अदालत में कपड़े साफ़ पहने,
मन साफ़ तो गुनाही भी तेरे हिस्सेदार मिलेंगे,
एहसान फ़रामोशी में हाथ बड़ाया तुमने ,
ईमान पाक …
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19 May 2026, 18:42 UTC91 views1 reactionsread 9 August 2026 अक्सर चेहरो पर ही छुपी रहती हैं बातें गहरी ,
दिलों को फिरोलने से ज़ख़म मिलते है असलियत थोड़ी,
वार हाथ से हो या शब्दों से तलवार चले,
घायल होगा बदकिस्मती कोई हक़दार थोड़ी,
किसी का लहजा देख जो समझ गए नासमझियाँ,
बात अपनी तो पहरावे बदलते हैं हकीकत थोड़ी,
लोगो से अपनी लड़ाई लड़ रहा हर शख़्स बेफ़िज़ुली,
ख़ुद से लड़ा वो इंसा अलग है कोई पागल थोड़ी,
चाहे तो रखना एक हिस्सा दिल का ख़ाली भी कुछ,
वसीयत तुम्हारी है किसीकी हिस्सेदार…
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18 May 2026, 16:09 UTC88 views1 reactionsread 9 August 2026 अजीब दस्तूर ए ख्वाइश है दुनिया की,
टूटते तारों से मुराद चाँद की करते हैं
#VeLLy
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9 May 2026, 15:18 UTC104 views1 reactionsread 9 August 2026 जिस कदर तुझे निहारने की तड़प सी रहती है दिल में,
मुमकिन है मैं मरीज ए दिल हूँ काग़ज़ी,
तेरी आखों में ना जाने ऐसा क्या है लिखा,
ना दिखे तो बेचैन,दिखे तो खो जाऊँ लाज़मी,
बालों का वो अंदाज़ ए मदहोश कुछ क़हर करता है इस कदर,
छूना बात दूर बस निहार लूँ तो बेहोश हूँ बेबसी,
तेरी पलकों पर बैठे हैं कुछ मौसम खामखा,
झुके चाहे उठें तो बदल दें ख़यालात वापसी,
लहज़े में रहना सीख ए शायर गुस्ताख़,
लफ्जों से कोई घायल भी हो सकता है लाज़म…
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23 Apr 2026, 15:44 UTC93 views1 reactionsread 9 August 2026 इश्क़ ए एतबार में गलती का पैमाना क्या होता है,
कोई उसे बताये की याद आना क्या होता है,
वो शख़्स कभी ख्वाबो में भी किसिका नहीं हुआ,
जिसका है वो बताये ये तड़फाना क्या होता है ,
मेरे लफ़्ज़ों पर भारी है उसकी आवाज की गुस्ताखियाँ,
वो पूछे तो बताऊँ वरना ये चहकना क्या होता है,
नसीहत ये भी के यहाँ कोई अपना नहीं अपना कहने से,
वो कहे तो मान लेना वरना ये एतबार क्या होता है,
अक्सर भूल जाओ उन बातों को जो मसला है रातों का,
जागोगे त…
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19 Mar 2026, 05:58 UTC126 views1 reactionsread 9 August 2026 मेरी आखों की रोशनी को मेरे दिल सा ना जोड़ मुर्शिद ,
तूफानों में जलते दिए पीछे छोड़ आया हूँ मैं,
अक्सर एक स्वाल जो मेरे ज़ेहन में है यूँ,
ख़ुद को छोड़ा या दुनिया सा छोड़ आया हूँ मैं?
मेरे लहजे से वाक़िफ़ वो अपने भी नहीं समझे,
किरदार रखकर स्वालियों को वहम दे आया हूँ मैं,
समझना,समझ जाना और समझाना सब पहलू अलग,
मेरे ख़ुद को एक और उलझन दे आया हूँ मैं,
सुलगता कोयला क्या बराबरी करेगा उस मंजर की,
दहकती आग से बेबाक निकल आया हू…
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30 Jun 2025, 09:04 UTC351 views1 reactionsread 9 August 2026 मिज़ाज यूहीं नहीं चिड़चिड़ा हुआ मेरा,
मेरा भी कईं चीजों से दिल दुखा है
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20 Jun 2025, 13:20 UTC354 viewsread 9 August 2026 उसके अल्फ़ाज़ों में दम इतना की मुर्दे बोल उठें,
चुप रहे तो मेरी सांसों का सबूत माँगते हैं लोग,
कोई कहे उसे की मैं इज़हार से डरता हूँ,
डर ये भी बताकर जज़्बात से खेलते हैं लोग,
इंतज़ार में हूँ शायद वो याद तो करेगा मुझे,
ख़ुद पे ना बीते तो बेचैनी कहाँ समझते हैं लोग,
गुफ़्तगू कैसे करूँ उनसे जो दिल में ना बसे ,
जज़्बात खोल लो तो हिचकिचाने लगते हैं लोग,
मतलबी दुनिया के मतलब वाले चेहरे देख VeLLy,
साफ़ चेहरो के पीछे जहरी दिल…
17 Jun 2025, 02:02 UTC331 viewsread 9 August 2026 मेरी आखों की सदा सुनते हैं सारे मौसम,
तुम कहो तो कड़ी धूप को बादल करदूँ,
इस कदर इश्क़ चमकता है मेरी आखों में,
आँख भरके मैं तुम्हें देखूँ तो पागल करदूँ
🫀😇
13 Jun 2025, 12:51 UTC286 viewsread 9 August 2026 किनारो पर बैठकर निहारो मगर ये समन्दर,
माप गहराई और उछाल लहरों का देखा करो,
निकलते नहीं जो वजह से कुछ आंसूँ,
बोलते हुए शब्द और जुबान भी देखा करो,
क्या करोगे आश्की गर सनम पर्दे में रखे ख़ुद को,
सामने महबूब हो फलक चेहरो को देखा करो ,
चेहरा साफ़,किरदार काला और बोली मीठी,
यार बनाओ तो किरदार ख़ानदानी देखा करो..
#VeLLy
🫀💕
Showing the 12 most recent of 20 posts we hold for @WritoGrapher. View and reaction counts are the latest single reading for each post, not a live figure, and a recent post is still accumulating both. A view count marked ≈ was rounded by Telegram before we ever saw it — t.me prints views in full below 1,000 and to three significant figures above, so ≈1,200,000 means somewhere between 1,150,000 and 1,249,999. Unmarked counts are exact. Text is reproduced from the public post preview and truncated for length.