25 May 2025, 15:15 UTC≈5,960 views27 reactionsread 22 August 2026 दिनांक 15-5/2025
शीर्षक आजच्या घडामोडी
विनंती मी करते
मायबाप सरकारला
वाचवा आपल्या
भारत देशाला
राजकारण धर्माच
कोणत्याही करू नका
तुम्ही सुद्धा वाचणार नाही
देशाला आहे धोका
देशाच्या सीमेवर
सर्व जाती धर्माचे.
जवान रक्षण करते
देशासाठी शहीद होते
देशाला वाचवण्यासाठी
सर्व जाती धर्माचे रक्षणास
जवान चालतात
परंतु जाती धर्माचं
राजकारण का करता
जीवघेणी हल्ले अन्याय
देशात अत्याचार सुरू आहे
आतंगवाद माजत आहे
याला जबाबदार शास…
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Signed swami
7 May 2025, 08:57 UTC≈6,180 views15 reactionsread 22 August 2026 चलिए कलमा हम उनको सुनाए
कब्र तक हम उन आतंकियों को लाएं
धर्म पूछ कर मारा था उन्होंने,
आज हम उनका आतंकी धर्म मिटाए
सिंदूर पर प्रहार था,
अब उनके खून से प्रतिकार हुआ
मिट्टी में मिल गया पाकिस्तान
आतंकिस्तान का खतरनाक अंजाम हुआ
जय हिंद
जय वीर
🌹🌹🙏🙏🇮🇳🇮🇳
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Signed Bhagawat patil
1 May 2025, 09:29 UTC≈6,440 views15 reactionsread 22 August 2026 Photo
जो रिश्ता दिल के करीब हो,
उसे जताते नहीं...
और लोगों के सामने तो भूलकर भी गाते नहीं।
अनुभव ने सिखाया है,
अक्सर खास रिश्ते में लोगों की नजर लग जाती हैं।
इसलिए, जो अपना हो,
उसे आंखों में छिपा लेना बेहतर है।
शब्दों में नहीं,
मुस्कान में बस,
उस रिश्ते को जता देना बेहतर है।...
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Signed Bhagawat patil
1 May 2025, 07:01 UTC≈5,080 views17 reactionsread 22 August 2026 *विषय:- हरवलेले क्षण*
क्षणा क्षणाची किंमत कर
निसटूनी जाईल वेळ हातातूनी
जीवन असते क्षणभंगुर वेड्या
जाईल दूर रे क्षण जीवनातूनी....1
कशी सांगू तुला प्रिया
किती प्रेम करते मी
हे विश्वच तुला मानते रे
क्षण क्षण फुलवित त्यात रमते मी....2
गेला कधी क्षणभर दूर तू
मनाला या माझ्या खंत व्हावा
ओठी असते सतत तुझेच गीत
दोघांमध्ये क्षणाचाही विरह नसावा....3
तू येऊन समज घालावी मनाची
रोज रोज वाट बघते मी त्या क्षणाची
डोळे मिटून तूला श…
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Signed Bhagawat patil
23 Apr 2025, 05:23 UTC≈4,900 views15 reactionsread 22 August 2026 पतीची हत्या झाली आहे...
आणि खिन्न उदास मनाने पत्नी आपल्या प्रिय पतीच्या कलेवरा शेजारी निश्चल बसली आहे...
पतीचा निष्प्राण देह जणू काही सुंदर आयुष्याचं सगळं स्वप्न मरून पडावं तसा पडलाय.
आणि पत्नी शोक करायचं सुद्धा विसरून गेली आहे.
धार्मिक उन्मादाचं हे एक प्रतिनिधिक चित्र आहे बांधवानो...
त्यांनी मागच्या हजार वर्षात असे कितीतरी नवऱ्यांचे मुडदे पाडलेत आणि शोक करायला बायकोला मागे ठेवलं नाही तर फरफटत घेऊन गेले आपल्या वासन…
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Signed Bhagawat patil
23 Apr 2025, 05:22 UTC≈3,630 viewsread 22 August 2026 Photo
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Signed Bhagawat patil
22 Apr 2025, 06:32 UTC≈3,580 viewsread 22 August 2026 एक मैं हूँ यहाँ एक तू है
🚩फिर मेरी याद गीत 3🚩
एक मैं हूँ यहाँ, एक तू है
सिर्फ़ साँसों की ही गुफ्तगू हैं
चाँद के साज़ पर रोशनी गीत गाते हुए आ रही है तेरी जुल्फों से छन कर वो देखो चाँदनी नूर बरसा रही है वक़्त यूँ ही ठहर जाए हमदम दिल को इतनी सी इक आरजू है एक मैं हूँ यहाँ, एक तू है
दूर धरती के काँधे पे देखो आसमाँ झूम कर झुक गया है नर्म बाँहों के घेरे के बाहर शोर दुनिया का चुप रुक गया मेरे ख्वाबों में जो तैरती थी अप्स…
Signed Bhagawat patil
16 Apr 2025, 10:56 UTC≈4,130 views6 reactionsread 22 August 2026 कुठे राजमहाली होती,
स्वप्नातील परी बनून आली..
जाग येताच स्वप्नातून,
माझ्या अंगणी अवतरली..
पावलांचे ठसे उमटले,
उंबरठा ओलांडला तेव्हा..
त्या पदराचा भार असा,
कळला आसरा घेतला जेव्हा..
कुशीतल्या जीवासाठी
तू जन्म पणाला लावलास..
झिजत राहिलीस अशी,
ओठात हुंदका दाबलास..
जरी तुळस दारी शोभते,
तूच रखुमाई ह्या अंतरी..
परमार्थ संसारी लाभला
का हिंडू मी उगा वनांतरी..
सागराला सरिता मिळते,
समर्पण निस्वार्थ तुझेच..
दरवळतो केवळ तुझ्य…
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Signed Bhagawat patil
16 Apr 2025, 07:41 UTC≈3,580 views8 reactionsread 22 August 2026 हर जख्म की अपनी निशानी होती है
हर किस्से के आगे भी कहानी होती है
कुछ तो होती हैं खबरें तरो – ताज़ा
और कुछ बातें उनमें पुरानी होती हैं
लोग यकीं कर लेते हैं ; हर बात पर
मुझे उनकी हर बात पे हैरानी होती है
अपने ख्वाबों से बनाकर नजदीकियां
हकीकत से दूरी भी बेइमानी होती है
किसी को खुद के पास ना आने देने से
तुम्हें दूर जाने में बड़ी आसानी होती है
हां थोड़ा तो जरूरी है बचपना अंदर से
हर बात पे बचपना ; नादानी होती है
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Signed Bhagawat patil
11 Apr 2025, 21:27 UTC≈3,660 views11 reactionsread 22 August 2026 Photo
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Signed Bhagawat patil
15 Feb 2025, 02:18 UTC≈5,180 views21 reactionsread 22 August 2026 गज़ल
जहां पाने गए थे हम वहां खो गए। कभी तन्हा थे फिर से तन्हा हो गए।
उनका साथ हमें थोड़े ही दिन मयस्सर रहा, हाथ छुड़ाकर हमसे वो जुदा हो गए।
उनके बगैर ना हम जी पाए ना मर पाए, मोहब्बत में हमारी वो खुदा हो गए।
मुसल्सल मिले हमको उनकी यादों के गम, वो किसी और की खुशियों का जहां हो गए।
कभी बहुत हंसते मुस्कुराते थे हम यारों, हमारी खुशियों के वो आलम कहां खो गए।
कोई करेगा उनको हमसे ज्यादा मोहब्बत, खामख्वाह उनको इस बात के…
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Signed Bhagawat patil
14 Feb 2025, 17:02 UTC≈4,360 views9 reactionsread 22 August 2026 🍁 आज का संदेश 🍁
*🐾अर्जून ने कृष्ण से पुछा..🐾*
*"ज़हर क्या है"..?*
*कृष्ण ने बहुत सुन्दर जबाब दिया...*
*"हर वो चीज़ जो ज़िन्दगी में*
*॥आवश्यकता से अधिक होती है*
👉 *वही ज़हर है*
फ़िर चाहे वो *ताक़त* हो, *धन* हो, *भूख* हो, *लालच* हो, *अभिमान* हो, *आलस* हो, *मह त्वकाँक्षा* हो, *प्रेम* ॥हो या *घृणा*..
*"जहर ही है"...*
🌹 जय श्री राधे कृष्णा 🌹
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Signed swami
Showing the 12 most recent of 20 posts we hold for @MRATHI123. View and reaction counts are the latest single reading for each post, not a live figure, and a recent post is still accumulating both. A view count marked ≈ was rounded by Telegram before we ever saw it — t.me prints views in full below 1,000 and to three significant figures above, so ≈1,200,000 means somewhere between 1,150,000 and 1,249,999. Unmarked counts are exact. Text is reproduced from the public post preview and truncated for length.