🕉️ *दस पर्सेंट* *एक बहुत अमीर आदमी ने रोड के किनारे एक भिखारी से पूछा.. "तुम भीख क्यों मांग रहे हो जबकि तुम तन्दुरुस्त हो...??"* भिखारी ने जवाब दिया... "मेरे पास महीनों से कोई काम नहीं है... अगर आप मुझे कोई नौकरी दें तो मैं अभी से भीख मांगना छोड़ दूँ" *अमीर मुस्कुराया और कहा.. "मैं तुम्हें कोई नौकरी तो नहीं दे सकता ..* लेकिन मेरे पास इससे भी अच्छा कुछ है... *क्यों नहीं तुम मेरे बिज़नस पार्टनर बन जाओ..."* भि…

Channel
ईश्वर साधना
@IshwarSadhana
On this record: Topic · Growth · Engagement · Posts · Cite this entry
36subscribers
-1 since we began measuring on 6 August 2026
Risers and fallers across the register · movement among entries of Under 1,000.
Register entry
| Telegram ID | -1001351299978 |
|---|---|
| Type | Channel |
| Username | @IshwarSadhana |
| Created | Between 1 March 2018 and 31 July 2021 — estimated from Telegram’s id allocation, not measured. How this range is calculated. |
| First recorded | 10 August 2026 |
| Last confirmed live | 6 October 2026 |
| Measurements held | 3 |
| Confirmed unchanged | 2 times, most recently 6 October 2026 |
| On Telegram | t.me/IshwarSadhana |
Topic
Religion — a classification, not a measurement. An on-box language model (Qwen3.6-35B-A3B-FP8, prompt version 1) read this channel’s own recent posts on 30 September 2026 and assigned it the closest of 31 fixed categories, at 98% confidence. This is a model’s judgement about what the channel is likely to be about, not a fact this register measured the way a subscriber count or a view count is measured — it can be revised on a later pass, and it carries no weight anywhere else on this page. How this classification works, and why it has no browse page of its own yet.
Growth
| Measured (UTC) | Subscribers | Change |
|---|---|---|
| 25 Sept 2026, 09:38 | 36 | -1 |
| 10 Aug 2026, 21:31 | 37 | no change |
| 6 Aug 2026, 18:07 | 37 | first reading |
Engagement
20 posts held, back to 19 September 2021 — the reader has not yet reached the start of this channel’s public history, so older posts may sit further back, unread. Read across 1 page of Telegram’s post history, 20 posts per page.
Nothing published in the last 30 days. ERR and ER are rolling 30-day measures, so there is nothing to compute — we hold 20 posts for this entry, the most recent from 17 June 2022. An engagement rate over an empty window would be a number about nothing.
Recent posts
ईश्वर साधना pinned «राजा को सारी सूचना पहुंच चुकी थी. ब्राह्मण फिर चारों दरवाजों पर गया और सब जगह खुद ही कहा कि वह शर्तें पूरी करने के लिए तैयार है प्रवेश करने दो पर आज वहां शर्तों के साथ भी कोई अंदर जाने देने को राजी न हुआ. सब जगह से उन्हें दुत्कार दिया गया. ब्राह्मण को न माया…»
राजा को सारी सूचना पहुंच चुकी थी. ब्राह्मण फिर चारों दरवाजों पर गया और सब जगह खुद ही कहा कि वह शर्तें पूरी करने के लिए तैयार है प्रवेश करने दो पर आज वहां शर्तों के साथ भी कोई अंदर जाने देने को राजी न हुआ. सब जगह से उन्हें दुत्कार दिया गया. ब्राह्मण को न माया मिली न राम. “जरा सा” पाप करने में कोई बड़ी हानि नहीं है, यही समझने की भूल में उसने धर्म और धन दोनों गंवा दिए. अपने ऊपर विचार करें कहीं ऐसी ही गलतियां हम भी तो नह…
सर्वनाश का द्वार एक ब्राह्मण दरिद्रता से बहुत दुखी होकर राजा के यहां धन याचना करने के लिए चल पड़ा. कई दिन की यात्रा करके राजधानी पहुंचा और राजमहल में प्रवेश करने की चेष्टा करने लगा. उस नगर का राजा बहुत चतुर था. वह सिर्फ सुपात्रों को दान देता था. याचक सुपात्र है या कुपात्र इसकी परीक्षा होती थी. परीक्षा के लिए राजमहल के चारों दरवाजों पर उसने समुचित व्यवस्था कर रखी थी. ब्राह्मण ने महल के पहले दरवाजे में प्रवेश किया ही थ…
*स्वार्थ छोडिये.........* एक छोटे बच्चे के रूप में, मैं बहुत *स्वार्थी* था, हमेशा अपने लिए सर्वश्रेष्ठ चुनता था धीरे-धीरे, सभी दोस्तों ने मुझे छोड़ दिया और अब मेरे कोई दोस्त नहीं थे....मैंने नहीं सोचा था कि यह मेरी गलती थी और मैं दूसरों की आलोचना करता रहता था लेकिन मेरे पिता ने मुझे जीवन में मदद करने के लिए 3 दिन 3 संदेश दिए, एक दिन, मेरे पिता ने हलवे के 2 कटोरे बनाये और उन्हें मेज़ पर रख दिया, एक के ऊपर 2 बादाम थे…
भगवद गीता अध्याय: 13 श्लोक 22 श्लोक: उपद्रष्टानुमन्ता च भर्ता भोक्ता महेश्वरः। परमात्मेति चाप्युक्तो देहेऽस्मिन्पुरुषः परः॥ भावार्थ: इस देह में स्थित यह आत्मा वास्तव में परमात्मा ही है। वह साक्षी होने से उपद्रष्टा और यथार्थ सम्मति देने वाला होने से अनुमन्ता, सबका धारण-पोषण करने वाला होने से भर्ता, जीवरूप से भोक्ता, ब्रह्मा आदि का भी स्वामी होने से महेश्वर और शुद्ध सच्चिदानन्दघन होने से परमात्मा- ऐसा कहा गया है J…
🏵️ आदमी का संकल्प मजबूत होना चाहिए। अध्यात्म का प्राण ही वह संकल्प है। संकल्प बल न हो तब। हिम्मत न हो तब। तब फिर आदमी बेपेंदी के लोटे के तरीके से इधर- उधर भटकता रहता है। संकल्प कर लेने के बाद तो आदमी की आधी मंजिल पूरी हो जाती है। 🏵️ 💮 संकल्प बल एक लाठी के तरीके से है। जो आपको गिरने से बचा लेता है और आपको ऊँचा चलने के लिये, आगे बढ़ने के लिये हिम्मत प्रदान करता है। आपको भी अपने मनोबल की वृद्धि के लिये आत्म…
🌼 संकल्प उठाएं: ऊँचे उठें 🌼 गायत्री मंत्र हमारे साथ साथ: 🕉️ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्यः धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् ! 💐 सृष्टि का कुछ ऐसा विलक्षण नियम है, कि पतन स्वाभाविक है और उत्थान कष्टसाध्य बनाया गया है। पानी को आप छोड़ दीजिए, नीचे बहता हुआ चला जायेगा। इसके लिये और आपको कुछ नहीं करना पड़ेगा। नीचे गिरने में कोई मेहनत नहीं करनी पड़ती है और कोई प्रयास नहीं करना पड़ता है। ऐसा ही संसार का कुछ …
🔰बाइबिल की परस्पर विपरीत शिक्षा (विरोधाभासी वचनो का संग्रह)✝️ अवश्य पढ़ें। ⚜️ ईसाई भाई बाइबिल को ईश्वर का पवित्र ग्रन्थ मानते हैं और हिन्दू भाइयो का धर्मांतरण इस बाइबिल के आधार पर करवाते हैं यह कहकर कि बाइबिल ईश्वर की वाणी है और जो ईसा पर विश्वास कर लेते है वो ही मुक्ति पायेगा क्योंकि ईश्वर की “पवित्र पुस्तक” बाइबिल ऐसा निर्देश करती है। ⚜️ यदि ये बात सही है तो बाइबिल जैसी पवित्र पुस्तक में कोई भी दोष न होना चाहिए औ…
🕉️AM और PM की सच्चाई जाने🕉️ ♦️हमे बचपन से ये रटवाया गया, विश्वास दिलवाया गया कि इन दो शब्दो A.M. और P.M. का अर्थ क्या होता है। A.M. :- एंटी मेरिडियन (Ante meridiem) P.M. :- पोस्ट मेरिडियन (Post meridiem) 🔶एंटी यानि पहले, लेकिन किसके ? और पोस्ट यानि बाद में, लेकिन फिर वही सवाल, किसके ? 🟠ये कभी बताया नही किया गया क्योंकि ये चुराय गये शब्द का लघुतम रूप था। ""किसके = जहां कारक खुद गौण है"" ♦️हमारे प्राचीन संस्कृत भ…
ऐसे थे हमारे महान राजपूत योद्धा सुजान सिंह जी🙏🙏 7 मार्च 1679 ई0 की बात है, ठाकुर सुजान सिंह अपनी शादी की बारात लेकर जा रहे थे, 22 वर्ष के सुजान सिंह किसी देवता की तरह लग रहे थे। ऐसा लग रहा था मानो देवता अपनी बारात लेकर जा रहे हों.. उन्होंने अपने दुल्हन का मुख भी नहीं देखा था, शाम हो चुकी थी इसलिए रात्रि विश्राम के लिए "छापोली" में पड़ाव डाल दिये। कुछ ही क्षणों में उन्हें गायों में लगे घुंघरुओं की आवाजें सुनाई देने लगी…
Photo, posted without a caption
Showing the 12 most recent of 20 posts we hold for @IshwarSadhana. View and reaction counts are the latest single reading for each post, not a live figure, and a recent post is still accumulating both. A view count marked ≈ was rounded by Telegram before we ever saw it — t.me prints views in full below 1,000 and to three significant figures above, so ≈1,200,000 means somewhere between 1,150,000 and 1,249,999. Unmarked counts are exact. Text is reproduced from the public post preview and truncated for length.
Cite this entry
A live page changes as we take new readings, so a citation should name the measurement it is based on, not just the URL. The line below cites the subscriber count as measured 25 September 2026 — this entry's latest reading, not the date you are reading this.
“ईश्वर साधना” (@IshwarSadhana), 36 subscribers as measured 25 September 2026. Telegram Register, tgregister.com/channel/IshwarSadhana.
Full measurement history, CC BY 4.0. Every reading this register holds for this entry, not just the latest one, as a dated, downloadable record: CSV · JSON. Free to use with attribution to tgregister.com. Each file carries its own generation timestamp, which is the figure to cite for exactly when the data was retrieved.