*निमेष: पलक झपकने से ब्रह्मांड तक की यात्रा*। 🔹 समय की माप के लिए भारतीयों ने अत्यंत मानवीय और प्राकृतिक आधार चुना, जिसे 'निमेष' (पलक झपकने में लगा समय) कहा जाता है। 15 निमेष से एक 'काष्ठा' बनता है और इसी क्रम में बढ़ते हुए 30 मुहूर्त से एक पूरा दिन-रात का चक्र पूर्ण होता है। प्राचीन खगोलशास्त्रियों को 'दीर्घतमा' कहा जाता था क्योंकि वे रात के अंधेरे आकाश को गहराई से और लंबे समय तक देखते थे। उन्होंने आकाश की गतिविधिय…

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🎪 हिन्दू मंदिर विज्ञान 🚩
@HinduVigyan
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| Telegram ID | -1001441393602 |
|---|---|
| Type | Channel |
| Username | @HinduVigyan |
| Created | Between 1 April 2019 and 31 October 2021— estimated from Telegram’s id allocation, not measured. How this range is calculated. |
| First recorded | 6 August 2026 |
| Last confirmed live | 26 August 2026 |
| Measurements held | 5 |
| Confirmed unchanged | 1 time, most recently 26 August 2026 |
| On Telegram | t.me/HinduVigyan |
Growth
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|---|---|---|
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| 13 Aug 2026, 02:04 | 337 | -2 |
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| 6 Aug 2026, 23:48 | 339 | first reading |
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*वैराग्य की गहरी और सुखद शांति* वैराग्य का अर्थ संसार को छोड़कर भागना नहीं, बल्कि संसार की नश्वरता को समझकर उसमें अलिप्त रहना है। ● 🍃 संसार में रहते हुए, अपने सभी कर्तव्यों को निभाते हुए भी कमल के पत्ते की तरह अछूते रहना ही सच्चा वैराग्य है। ● 🔮 यह गहराई से समझना कि यहाँ सब कुछ क्षणभंगुर, परिवर्तनशील और नश्वर है, वैराग्य की शुरुआत है जो शांति देती है। ● 🧘♂️ वैराग्य आपको वस्तुओं और संबंधों के प्रति अंधे मोह से मुक्त …
*सात्विक, राजसिक, तामसिक भोजन: गुणों का विज्ञान* भारतीय भोजन को तीन मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है: सात्विक, राजसिक, और तामसिक। यह हमें बताता है कि हमारे भोजन का हमारे मन और विचारों पर गहरा प्रभाव पड़ता है। ● 🥗 *सात्विक भोजन:* सादा और हल्का, यह हमें मानसिक शांति और स्पष्टता देता है। ● 🌶️ *राजसिक भोजन*: मसालेदार और उत्तेजक, यह हमें ऊर्जा और जुनून देता है, लेकिन बेचैनी भी पैदा कर सकता है। ● 🥩 *तामसिक भोजन:* भारी और ब…
प्रश्न और ध्यान का संबंध हर गहरा प्रश्न ("मैं कौन हूँ?", "सृष्टि कहाँ से आई?", "ईश्वर कहाँ है?") अंततः मन को भीतर की ओर मोड़ता है। जब बाहरी उत्तर अधूरे लगते हैं, तब मन मौन की ओर जाता है। और वही मौन ध्यान है। 👉 इसीलिए कहा गया है कि सच्चा प्रश्न स्वयं ध्यान का द्वार है। २. क्यों "प्रश्न = ध्यान" कहा जा सकता है प्रश्न की जड़: जिज्ञासा, जानने की प्यास। ध्यान की जड़: उसी प्यास को भीतर स्थिर होकर देखना। जब प्रश्न गहराता …
सृष्टि के आरम्भ में प्रश्न ऋग्वेद के नासदीय सूक्त (१०.१२९) में यही रहस्य पूछा गया है – तब न अस्तित्व था न अनस्तित्व। न आकाश था न अंतरिक्ष। वह कौन था जिसने यह रचा? क्या सृष्टि स्वयं उत्पन्न हुई? क्या वह ईश्वर ही जानता है या शायद वही भी न जानता हो? अर्थात्, प्रश्न स्वयं ही सृष्टि की जड़ है। पहला प्रश्न यही था – "मैं कहाँ से आया?" यही प्रश्न सृष्टि को, चेतना को, जिज्ञासा को जन्म देता है।
🌟 गणेश का अर्थ और उनको हर कार्य से पहले स्मरण करने का रहस्य 🌟 *🔸 गण* = समूह, अर्थात् हमारा शरीर और उसके अंग, मन, विचार, इंद्रियाँ... *🔸 ईश* = स्वामी, नियंता, नियंत्रक। *🙏 गणेश* = वह चेतना जो इन सबका संचालन करती है। अर्थार्त जब हम भीतर की शक्ति से जुड़ते हैं —हम स्वयं गणों के ईश से जुड़ जाते हैं तो - 💡 गणेश जी की प्रमुख शक्तियाँ: *🧠 विवेक* – सही निर्णय की शक्ति *🕊️ धैर्य* – कठिन समय में संतुलन *💪 साहस* – बाधाओं को पा…
सनातन संस्कृति का विज्ञान: 'क्या आप जानते हैं?' ॐ (ओम्) की ध्वनि का विज्ञान: वैज्ञानिकों ने पाया है कि ॐ का जाप करने से शरीर में कंपन होता है, जो मस्तिष्क की तरंगों को शांत करता है। यह ध्वनि आपके मन और शरीर में एक शांतिपूर्ण संतुलन स्थापित करती है, जिससे तनाव कम होता है और एकाग्रता बढ़ती है। इसकी गूँज पूरे ब्रह्मांड में ऊर्जा के स्पंदन को दर्शाती है। @mandirvigyan @hinduvigyan
अध्यात्म सुखी रहने के लिए चरण/विधि Steps To Happiness उन लोगों को देखें जिनके पास आपसे बड़ी समस्याएं हैं यदि आपकी कठिनाइयां बहुत बड़ी दिखाई देती हैं, तो अपनी आँखें उठाएं क्योंकि आप केवल अपने आप पर केंद्रित हैं। यदि आप अपनी आँखें ऊपर उठाते हैं और उन लोगों को देखते हैं जो आप से भी बदतर स्थिति में हैं, तो आप अचानक महसूस करेंगे कि आपका बोझ उतना बुरा नहीं है जितना आपने सोचा था। अगर आपको लगता है कि आपको कोई बड़ी सम…
महा सदाशिव: भगवान शिव 25 सिर के साथ, 75 आँखें और 50 हाथ। यह भगवान शिव के 64 रूपों (महेश्वरा मुर्तम्स) में से एक है। यह शानदार मूर्ति सुचिन्द्रम मंदिर कन्याकुमारी, तमिलनाडु में है। हर हर महादेव! @mandirvigyan @hinduvigyan
*धर्म(Religion), विज्ञान और आध्यात्मिकता* “धर्म(Religion) और विज्ञान अलग-अलग ध्रुव हैं क्योंकि धर्म(Religion) कहता है कि पहले तुम विश्वास करो और फिर एक दिन तुम सत्य को पाओगे। लेकिन आध्यात्मिकता अलग तरह से कहती है। यह कहता है कि आप अभी अनुभव करते हैं, और फिर यदि आप विश्वास करना चाहते हैं या विश्वास नहीं करना चाहते हैं, तो यह आपके ऊपर है। विज्ञान और अध्यात्म में समान भाषा है, इसलिए कभी कोई संघर्ष नहीं होता है। जबकि धर…
पतञ्जलि (पतंजलि) योग सूत्र क्या है? | What is Patanjali Yoga Sutras? पतञ्जलि (पतंजलि) योग सूत्र में महर्षि पतञ्जलि (पतंजलि) ने विभिन्न ध्यानपारायण अभ्यासों को सुव्यवस्थित कर उनकों सूत्रों में संहिताबद्ध किया है। यह सूत्र योग के आठ अंगों को दर्शाते है। इसमें कुल १९५ सूत्र है जिन्हे ४ पदों में विभाजित किया गया है। समाधी पद - इसमें ५१ सूत्र है। - इसके अनुसार मन की वृतियों का निरोध ही योग है। साधना पद - इसमें ५५ सूत्र ह…
*पतञ्जलि (पतंजलि) योग सूत्र क्या है?* | What is Patanjali Yoga Sutras? पतञ्जलि (पतंजलि) योग सूत्र में महर्षि पतञ्जलि (पतंजलि) ने विभिन्न ध्यानपारायण अभ्यासों को सुव्यवस्थित कर उनकों सूत्रों में संहिताबद्ध किया है। *यह सूत्र योग के आठ अंगों को दर्शाते है। इसमें कुल १९५ सूत्र है जिन्हे ४ पदों में विभाजित किया गया है।* *समाधी पद* - इसमें ५१ सूत्र है। - इसके अनुसार मन की वृतियों का निरोध ही योग है। *साधना पद* - इसमें ५५…
Showing the 12 most recent of 20 posts we hold for @HinduVigyan. View and reaction counts are the latest single reading for each post, not a live figure, and a recent post is still accumulating both. A view count marked ≈ was rounded by Telegram before we ever saw it — t.me prints views in full below 1,000 and to three significant figures above, so ≈1,200,000 means somewhere between 1,150,000 and 1,249,999. Unmarked counts are exact. Text is reproduced from the public post preview and truncated for length.
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