27 Aug 2026, 15:01 UTC497 views11 reactionsread 28 August 2026 Photo
ऐ दश्त-ए-आरज़ू मुझे मंज़िल की आस दे
मेरी थकन को गर्द-ए-सफ़र का लिबास दे
परवर-दिगार तू ने समुंदर तो दे दिए
अब मेरे ख़ुश्क होंटों को सहरा की प्यास दे
फ़ुर्सत कहाँ कि ज़ेहन मसाइल से लड़ सकें
इस नस्ल को किताब न दे इक़्तिबास दे
आँसू न पी सकेंगे ये तन्हाइयों का ज़हर
बख़्शा है ग़म मुझे तो कोई ग़म-शनास दे
लफ़्ज़ों में जज़्ब हो गया सब ज़िंदगी का ज़हर
लहजा बचा है इस को ग़ज़ल की मिठास दे
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#HindiKavita
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15 Aug 2026, 11:48 UTC≈2,270 views14 reactionsread 28 August 2026 एक दिन की तलाश
जी, मैं...
युवा होते-होते शिकार हो गया,
एक शब्द... अर्थबोध का।
वह उठते हुए यौवन में पीछे लगा—
नाम के आगे हो गया।
जी...
प्रतिबद्धता की कीलें जड़ दीं उसने,
हिसाब-किताब लेने लगा।
मैं हिप्पी नहीं बना।
किंतु—बाण ही प्रत्यंचा की तरह—
खिंचता रहा उम्र का गणित।
जी... मैं जीता रहा संघर्षों के ज्वार,
संकल्पों के चरण, उतार-चढ़ाव—
कि, अपना कुछ भी न रहा।
जो रहा भी—
सबका सब पक्षधर हो गया उनका,
जिन्हें रोटी क…
❤12🔥2
9 Aug 2026, 10:23 UTC≈3,020 views36 reactionsread 28 August 2026 अंतिम ऊँचाई
कितना स्पष्ट होता आगे बढ़ते जाने का मतलब
अगर दसों दिशाएँ हमारे सामने होतीं,
हमारे चारों ओर नहीं।
कितना आसान होता चलते चले जाना
यदि केवल हम चलते होते
बाक़ी सब रुका होता।
मैंने अक्सर इस ऊलजलूल दुनिया को
दस सिरों से सोचने और बीस हाथों से पाने की कोशिश में
अपने लिए बेहद मुश्किल बना लिया है।
शुरू-शुरू में सब यही चाहते हैं
कि सब कुछ शुरू से शुरू हो,
लेकिन अंत तक पहुँचते-पहुँचते हिम्मत हार जाते हैं।
हमें कोई…
❤36
9 Aug 2026, 04:42 UTC≈2,630 viewsread 28 August 2026 Photo
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5 Aug 2026, 17:56 UTC≈3,150 views20 reactionsread 28 August 2026 अमल धवल गिरि के शिखरों पर,
बादल को घिरते देखा है।
छोटे-छोटे मोती जैसे
उसके शीतल तुहिन कणों को
मानसरोवर के उन स्वर्णिम
कमलों पर गिरते देखा है,
बादल को घिरते देखा है।
तुंग हिमालय के कंधों पर
छोटी बड़ी कई झीलें हैं,
उनके श्यामल नील सलिल में
समतल देशों से आ-आकर
पावस की ऊमस से आकुल
तिक्त-मधुर बिषतंतु खोजते
हंसों को तिरते देखा है।
बादल को घिरते देखा है।
ऋतु वसंत का सुप्रभात था
मंद-मंद था अनिल बह रहा
बालारुण की मृदु…
❤19🥰1
4 Aug 2026, 18:35 UTC≈2,340 viewsread 28 August 2026 Photo
Earned 70Rs I donated 70Rs to Assam Relief Fund.
4 Aug 2026, 18:35 UTC≈2,230 viewsread 28 August 2026 Posted without readable text
1 Aug 2026, 13:04 UTC≈3,140 views3 reactionsread 28 August 2026 📢 A small ask that can make a big difference
Assam is going through severe flooding right now, and many families have lost their homes and belongings. I want to do my bit to help.
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❤3
22 Jul 2026, 14:20 UTC≈4,320 views17 reactionsread 28 August 2026 हंगामा है क्यूँ बरपा थोड़ी सी जो पी ली है
डाका तो नहीं मारा चोरी तो नहीं की है
ना-तजरबा-कारी से वाइ'ज़ की ये हैं बातें
इस रंग को क्या जाने पूछो तो कभी पी है
उस मय से नहीं मतलब दिल जिस से है बेगाना
मक़्सूद है उस मय से दिल ही में जो खिंचती है
ऐ शौक़ वही मय पी ऐ होश ज़रा सो जा
मेहमान-ए-नज़र इस दम इक बर्क़-ए-तजल्ली है
वाँ दिल में कि सदमे दो याँ जी में कि सब सह लो
उन का भी अजब दिल है मेरा भी अजब जी है
हर ज़र्रा चमकता…
❤17
22 Jul 2026, 13:46 UTC≈3,550 views25 reactionsread 28 August 2026 हो गई है पीर पर्वत
हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए
इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए
आज यह दीवार, परदों की तरह हिलने लगी
शर्त थी लेकिन कि ये बुनियाद हिलनी चाहिए
हर सड़क पर, हर गली में, हर नगर, हर गाँव में
हाथ लहराते हुए हर लाश चलनी चाहिए
सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं
मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए
मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही
हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए
- दुष्यंत कुमार
👉 Joi…
🔥19❤6
21 Jul 2026, 20:05 UTC≈3,890 views38 reactionsread 28 August 2026 ईश्वर तुम आत्महत्या कर लो अब
सही वक्त पर तुम्हारे अस्तित्व का
समाप्त हो जाना ही अच्छा है
अपने झूठे मुखौटे को हटाओ
और कर लो स्वीकार
कि सिसकते हो तुम भी!
यदि ये दुनिया तुम्हारे लिए खेल है
तो तुम्हें नहीं लगता?
कि खेल एकतरफ़ा होता जा रहा है
कि कमज़ोर के आँसुओं से अब
तुम्हारी सत्ता डिगने की कगार पर है?
इससे पहले कि कमज़ोर,
जिसकी प्रार्थनाएँ तुम्हारे वज़ूद को बचाए हुए हैं,
उतार दे तुम्हें सिंहासन से तंग आकर
नकार दे तुम्…
❤28🔥8👍2
20 Jul 2026, 19:12 UTC≈3,040 views32 reactionsread 28 August 2026 Photo
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Showing the 12 most recent of 19 posts we hold for @Hindi_Poems. View and reaction counts are the latest single reading for each post, not a live figure, and a recent post is still accumulating both. A view count marked ≈ was rounded by Telegram before we ever saw it — t.me prints views in full below 1,000 and to three significant figures above, so ≈1,200,000 means somewhere between 1,150,000 and 1,249,999. Unmarked counts are exact. Text is reproduced from the public post preview and truncated for length.