20 Jul 2026, 09:42 UTC270 views2 reactionsread 12 August 2026 A mountain as beautiful as jade,
Two red beans of longing for you;
A wandering soul yearning for a home
but life is too cold.
There is no reflection of autumn lake in your eyes.
The gaze is too deep, too serene;
like hiding the burning desires in its wake.
My heart flapped its wings like a humming bird, under those crystal clear eyes.
Your touch is cold, yet it soothes the invisible wounds of mine.
The past wa…
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Signed Lakshita Rajput
12 Jul 2026, 16:11 UTC392 views2 reactionsread 12 August 2026 मैं अनंत पथ में लिखती जो / महादेवी वर्मा
मै अनंत पथ में लिखती जो
सस्मित सपनों की बाते
उनको कभी न धो पायेंगी
अपने आँसू से रातें!
उड़् उड़ कर जो धूल करेगी
मेघों का नभ में अभिषेक
अमिट रहेगी उसके अंचल-
में मेरी पीड़ा की रेख!
तारों में प्रतिबिम्बित हो
मुस्कायेंगी अनंत आँखें,
हो कर सीमाहीन, शून्य में
मँडरायेगी अभिलाषें!
वीणा होगी मूक बजाने-
वाला होगा अंतर्धान,
विस्मृति के चरणों पर आ कर
लौटेंगे सौ सौ निर्वाण!
जब असीम…
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Signed Lakshita Rajput
12 Jul 2026, 16:06 UTC359 views3 reactionsread 12 August 2026 भूलने में सुख मिले तो भूल जाना / रामेश्वर शुक्ल 'अंचल'
भूलने में सुख मिले तो भूल जाना ।
एक सपना-सा समझना ज्यों नदी में बाढ आना
भूलने में सुख मिले तो भूल जाना ।
थीं सुनी तुमने बहुत-सी जो लड़कपन में कहानी
शेष जिनकी सुधि नहीं — मैं था उन्हीं का एक प्राणी !
सोच लेना — था किसी अनजान पँछी का तराना ।
झूमते लय-भार से जिस राग के मिजराब सारे
भूल जाते वे उसे तत्क्षण — गगन ज्यों भग्न तारे
ठीक वैसे तुम मुझे यदि सुख मिले तो …
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Signed Lakshita Rajput
12 Jul 2026, 15:56 UTC337 views6 reactionsread 12 August 2026 औरतें / रमाशंकर यादव 'विद्रोही'
कुछ औरतों ने अपनी इच्छा से कूदकर जान दी थी
ऐसा पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज है
और कुछ औरतें अपनी इच्छा से चिता में जलकर मरी थीं
ऐसा धर्म की किताबों में लिखा हुआ है
मैं कवि हूँ, कर्त्ता हूँ
क्या जल्दी है
मैं एक दिन पुलिस और पुरोहित दोनों को एक साथ
औरतों की अदालत में तलब करूँगा
और बीच की सारी अदालतों को मंसूख कर दूँगा
मैं उन दावों को भी मंसूख कर दूंगा
जो श्रीमानों ने औरतों और बच्चों के…
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Signed Lakshita Rajput
4 Jul 2026, 08:40 UTC554 views14 reactionsread 12 August 2026 भीतर से 'बचाओ बचाओ' की चीखें,
चेहरे पर मुस्कुराहट से दबा देता है,
हर शख्स टूट कर बिखर चुका पर,
हर कोई खुश रहने की सलाह देता है।
हर दौड़ते शख्स में एक ठहराव है यहाँ,
मर्म जितना भी हो, बेकार है यहाँ,
गिला किससे और कब तलक करूँ,
जिसे देखूँ मुझसे अधिक हैरान है यहाँ।
इन्हें देखूँ तो लगता है जैसे,
ये वो कश्तियाँ हैं,
जो सभी को पार कराती हैं,
और स्वयं सदा पड़ी रहती हैं पानी में।
कभी कभी लगता है हम ढूंढते हैं दुख,
और साथ ह…
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4 Jul 2026, 07:43 UTC421 views14 reactionsread 12 August 2026 तू साथ है तो डर कैसा?
तू साथ नहीं तो डर कैसा?
~ विशाल सैनी।
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29 May 2026, 16:58 UTC800 views6 reactionsread 12 August 2026 जहाँ नदियाँ पहाड़ों से निकलती हैं
और जहाँ समुद्र में गिरती हैं
वहां क्या है मेरा
ज्ञात नहीं
लेकिन एक दिन जाना है उधर....
किसी को उस ओर जाते देखते
न जाने कैसी हसरत भङकती है मन में!
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Signed Lakshita Rajput
29 May 2026, 16:02 UTC802 views11 reactionsread 12 August 2026 मन को थी मुक्ति की चाह,
मुक्ति मन के अधीन रही,
मृत्यु को जीवन की लालसा,
सजीवता मृत्यु के अंतर्निहित रही,
आत्मा को चाह परमात्मा की थी,
जो देह के मोह में विलीन रही,
मृगतृष्णा केवल मृग की बात नहीं,
समस्त सृष्टि की सत्यता रही।
मृगतृष्णा,
सजीवता का प्रतीक है,
या चेतना का?
क्या केवल सजीव होना,
कभी चेतना के आड़े आयेगा?
या चेतना बुद्धि को विमुक्त करेगी?
बुद्धि ने कहा मुक्ति अन्तिम मार्ग है,
चैतन्य बोला मुक्ति प्रथम चरण होग…
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25 May 2026, 14:35 UTC801 views7 reactionsread 12 August 2026 वो तोल्स्तोय के शहर से था....
और मैं दोस्तोयेव्स्की के मोहल्ले में रहती थी।
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Signed Lakshita Rajput
25 May 2026, 14:33 UTC792 views1 reactionsread 12 August 2026 "To those who do not know that the world is on fire, I have nothing to say."
- Bertolt Brecht
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Signed Lakshita Rajput
3 May 2026, 02:58 UTC≈1,000 views5 reactionsread 12 August 2026 People often push what they cannot accomplish onto the next life.
To carry the debts of this life into the next.... how exhausting!!
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Signed Lakshita Rajput
14 Apr 2026, 17:04 UTC≈1,110 viewsread 12 August 2026 https://www.instagram.com/p/DXHqXOzAYT-/?igsh=YjNmOWoxaDF0ZWNr
Signed Harsh
Showing the 12 most recent of 20 posts we hold for @alivepoetry. View and reaction counts are the latest single reading for each post, not a live figure, and a recent post is still accumulating both. A view count marked ≈ was rounded by Telegram before we ever saw it — t.me prints views in full below 1,000 and to three significant figures above, so ≈1,200,000 means somewhere between 1,150,000 and 1,249,999. Unmarked counts are exact. Text is reproduced from the public post preview and truncated for length.