5 Aug 2026, 08:36 UTC59 views4 reactionsread 7 August 2026 Photo
परिवार के सदस्यों के भ्रष्टाचार को उजागर करना राष्ट्रीय कर्तव्य है !
"युवाओ, यदि आपके माता-पिता भ्रष्टाचार और पाप कर रहे हैं, तो अपनी देशभक्ति बढाएं और उनके भ्रष्टाचार को उजागर करें, ताकि वे आगे और अधिक पाप करने से दूर रहें !" पत्नी का भी राष्ट्र के प्रति यह कर्तव्य है कि वह अपने पति के भ्रष्टाचार, अनैतिक आचरण आदि को उजागर करे।
✍️ - सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवले, संस्थापक संपादक, 'सनातन प्रभात' प्रसारमाध्यम स…
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4 Aug 2026, 08:03 UTC72 views2 reactionsread 7 August 2026 Photo
कहां लगभग ३५०० वर्ष पूर्व ही निर्मित हुए विविध धर्म (पंथ), और कहां अनादि अनंत सनातन धर्म !
१४०० वर्ष पूर्व इस संसार में एक भी मुसलमान नहीं था, २१०० वर्ष पूर्व इस संसार में एक भी ईसाई नहीं था, २८०० वर्ष पूर्व एक भी बौद्ध अथवा जैन नहीं था तथा ३५०० वर्ष पूर्व इस संसार में एक भी पारसी नहीं था; फिर इसके पूर्व इस संसार में कौन था ? केवल हिन्दू थे । सनातन हिन्दू धर्म अनादि तथा अनंत है और सबका मूल धर्म हिन्दू ही है ।’
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2 Aug 2026, 14:21 UTC90 views1 reactionsread 7 August 2026 Photo
सर्वत्र के हिन्दुओं के लिए हिन्दू राष्ट्र ही वास्तव में आधार है !
'पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका इत्यादि देशों के ही नहीं, अपितु भारत के कश्मीर सहित सर्वत्र के हिन्दुओं को अब किसी का आधार नहीं । वह प्रदान करने के लिए हिन्दू राष्ट्र की स्थापना करना अपरिहार्य है ।'
✍️ - सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवले, संस्थापक संपादक, ʻसनातन प्रभातʼ प्रसारमाध्यम समूह
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1 Aug 2026, 04:18 UTC123 views1 reactionsread 7 August 2026 Photo
आदर्श हिन्दू राष्ट्र ही रामराज्य है !
'हिन्दू राष्ट्र में अर्थात रामराज्य में बाल्यावस्था से साधना करवाई जाएगी । इससे व्यक्ति में विद्यमान रज-तम की मात्रा घटकर व्यक्ति सात्त्विक बनता है । इस कारण 'अपराध करने का विचार भी उसके मन में नहीं आता । साधना के कारण पूरी प्रजा सात्त्विक बन जाती है और कोई भी अपराध नहीं करता !
✍️ - सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवले, संस्थापक संपादक, 'सनातन प्रभातʼ प्रसारमाध्यम समूह
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31 Jul 2026, 03:26 UTC122 views1 reactionsread 7 August 2026 Photo
भारत की स्थिति दयनीय होने का कारण !
'ब्राह्मण और गैर-ब्राह्मण विवाद निर्माण करनेवालों ने हिन्दुओं में भेदभाव उत्पन्न किया । इस कारण हिन्दुओं और भारत की स्थिति दयनीय हो गई है । अतः भेदभाव करनेवाले राष्ट्रद्रोही एवं धर्मद्रोही हैं !'
✍️ - सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवले, संस्थापक संपादक, 'सनातन प्रभातʼ प्रसारमाध्यम समूह
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28 Jul 2026, 02:06 UTC146 views1 reactionsread 7 August 2026 Photo
पूर्वकाल का परिवार की भांति एकत्र रहनेवाला समाज और आज का टुकड़े-टुकड़े हो चुका समाज !
'पूर्वकाल में समाज में निहित सात्त्विकता, सामंजस्य, प्रेमभाव इत्यादि गुणों के कारण समाजव्यवस्था भलीभांति बनी रहे, इसके लिए कुछ करना नहीं पडता था । आज समाज में वे घटक निर्माण होने हेतु धर्मशिक्षा ही नहीं दी जाती। इस कारण कानून की सहायता लेकर समाजव्यवस्था भलीभांति बनाए रखने के दयनीय प्रयास किए जाते हैं।'
✍️ - सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ.…
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27 Jul 2026, 08:33 UTC135 views1 reactionsread 7 August 2026 Photo
वर्तमान शालेय शिक्षा की व्यर्थता !
'आजकल पाठशाला में गणित, भूगोल, अर्थशास्त्र इत्यादि अनेक विषय पढाए जाते हैं । इनमें से अधिकांश विषयों का जीवन में एक प्रतिशत भी लाभ नहीं होता। यदि ऐसा है, तो विद्यार्थियों को व्यवहारज्ञान हेतु आवश्यक शिक्षा देकर, उनके शेष समय का उपयोग उपरोक्त विषय सिखाने की अपेक्षा समाजप्रेम, राष्ट्रप्रेम, धर्मप्रेम, अध्यात्मशास्त्र, साधना जैसे विषय सिखाने हेतु क्यों नहीं किया जाता ? हिन्दू राष्ट्र…
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25 Jul 2026, 07:25 UTC136 views1 reactionsread 7 August 2026 Photo
भारत और हिन्दू धर्म की असीमित हानि करनेवाले अभी तक के राजनेता !
‘शिक्षा के लिए संपूर्ण संसार से लोग भारत में आते हैं, ऐसा एक ही विषय है, वह है मनुष्य का चिरंतन कल्याण करनेवाला अध्यात्मशास्त्र और साधना । वह हिन्दू धर्म की संसार को देन है । ऐसा होते हुए भी भारत के अभी तक के राजनेता उसका महत्त्व समझ नहीं पाए । इसलिए उन्होंने स्वयं की, भारत और हिन्दू धर्म की असीमित हानि की है ।’
✍️ - सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवले…
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24 Jul 2026, 03:29 UTC159 views1 reactionsread 7 August 2026 Photo
भारत- बाहरी तथा भीतरी शत्रुओं से जूझनेवाला एकमात्र देश !
'अन्य देशों में भीतरी शत्रु नहीं होते । भारत के बाहरी और भीतरी दोनों प्रकार के शत्रु हैं । इस प्रकार से शत्रुओं से जूझनेवाला संसार का एकमात्र देश है भारत । भारतीयों के लिए यह लज्जाजनक है।
✍️ - सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवले, संस्थापक संपादक, ʻसनातन प्रभातʼ नियतकालिक
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23 Jul 2026, 09:54 UTC147 viewsread 7 August 2026 Photo
हिन्दुओ, धर्मशिक्षा लें और भगवान की कृपा का अनुभव करें !
‘पृथ्वी पर मिलने वाले किसी भी सम्मान से ‘ईश्वर का आशीर्वाद अधिक महत्त्वपूर्ण है’, यह धर्मशिक्षा के अभाववश हिन्दुओं को ज्ञात नहीं है ।’
✍️ - सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवले, संस्थापक संपादक, 'सनातन प्रभात' प्रसारमाध्यम समूह
22 Jul 2026, 02:40 UTC194 viewsread 7 August 2026 Photo
इसमें भला क्या आश्चर्य !
'कांग्रेस' यह अंग्रेजी नाम रखनेवाला दल स्वतंत्रता से लेकर अभी तक देश का भला नहीं कर पाया, इसमें क्या आश्चर्य!'
✍️ - सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवले, संस्थापक संपादक, ʻसनातन प्रभातʼ नियतकालिक
21 Jul 2026, 01:45 UTC192 viewsread 7 August 2026 Photo
क्या ऐसे नेता देश का भला कर सकते हैं ?
‘अधिकांश राजनीतिक दलों के कुछ कार्यकर्ता ही नहीं, कुछ नेता भी वेतन प्राप्त सेवक के समान होते हैं । किसी अन्य दल ने अधिक पैसे दिए, तो वे उस दल के कार्यकर्ता अथवा नेता बन जाते हैं ! ऐसे कार्यकर्ता अथवा नेता क्या कभी देश का भला कर पाएंगे ?’
✍️ - सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवले, संस्थापक संपादक, ʻसनातन प्रभातʼ नियतकालिक
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